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Tuesday, January 26, 2021

क्यों जरुरी है पालिसी बाजार से इन्शुरन्स कम्पेयर करना?

 क्यों जरुरी है पालिसी बाजार से इन्शुरन्स कम्पेयर करना?
क्यों जरुरी है पालिसी बाजार से इन्शुरन्स कम्पेयर करना?

New Delhi: पालीसी बाजार से इन्शुरन्स कम्पेयर करना बहुत जरुरी है। यहां आपको हर तरह का इन्शुरन्स निर्धारित कीमतों में उपलब्ध है। यहां आपको दूसरी कंपनियों की इन्शुरंस पालिसी को अपनी जरुरत के हिसाब से समझने का विकल्प मिलता है जिससे आप अपने मनमुताबिक अपना सकते हैं। ऑन-लाइन सेवा की वजह से बिना किसी झंझट के आपका काम हो जाता है।

हर इन्शुरन्स कंपनी अपनी सेवा के लिये तरह तरह के विकल्प देती है जिससे आप के बजट में जो फिट बैठे , वो पालीसी आप अपना सकते हैं।

क्यों जरुरी है इन्शुरन्स ?

आपका या आपके परिवार का स्वास्थ हो, या आपका कोई वाहन, हर किसी की अपनी वेल्यू होती है। परिवार के सदस्य का ध्यान रखना और भविष्य कि किसी भी आर्थिक संकट को कम करने के लिये व्यक्ति इन्शुरन्स के बारे में सोचता है। किसी भी आर्थिक संकट की घड़ी को इन्शुरेन्स पालिसी की मद्द से काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हेल्थ इन्शुरेन्स की पालिसी आपके कमाई को दवाईयों औऱ ऑपरेशन के खर्च में जाने से बचाती है। आज हमारे सामने कई बार सुनने को मिलता है कि फलां-फलां बीमारी में सब कमाई खर्च हो गई। इसी वजह से समझदार लोग हेल्थ इन्शुरेन्स कराते हैं।
वाहन का बीमा भी आपकों काफी सुकून देता है। वाहन चोरी हो जाये, या कोई दुर्घटना हो जाये, तो इन्शुरेन्स से काफी मद्द हो जाती है। 

Sunday, January 17, 2021

क्या भविष्य की पृथ्वी बनेगा मंगल ग्रह?

 New Delhi: मानव जाति का विकास कैसे हुआ? क्या यह जाति किसी दूसरे ग्रह से धरती पर आयी है ? ना जाने कितने ही सवाल लोगों के मन में होगें जिनका कोई सटीक जबाब नहीं मिला है लेकिन मानव की भविष्य की धरती के लिये मंगल को खास समझा जा रहा है।


क्या भविष्य की पृथ्वी बनेगा मंगल ग्रह?

क्या भविष्य की पृथ्वी बनेगा मंगल ग्रह.....यदि अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की माने, तो ऐसा जरुर होगा। यह होगा कैसे इसको साधारण और सरल भाषा में समझते हैं।

हमारी पृथ्वी के अलावा एक यही लाल ग्रह ऐसा है जिसकी लगभग हर भौगोलिक स्थिति हमारी पृथ्वी से मिलती जुलती है लेकिन दूसरे ग्रहों के साथ ऐशा नहीं है किसी का तापमान बहुत ज्यादा गर्म है तो किसी पर एसिड की बारिश होती है।

मंगल ग्रह को ही क्यों चुना


इसके पीछे का कारण यह है कि जीवन के लिये पानी का होना आवश्यक है और लाला ग्रह (मंगल) पर पानी प्रचुर मात्रा में मौजूद है। यहां पानी बर्फ के रुप में जमीन के नीचे है। इसके उत्तरी ध्रुव पर ग्लेशियर भी है जिसकी वजह से वैज्ञानिक इसको भविष्य की पृथ्वी के रुप में देख रहे हैं।

मंगल पर तापमान की बात की जाये तो यहां पर औसत तापमान -60 सेल्सियस से -140 सेल्सियस तक रहता है। यहां भी पृथ्वी की तरह मौसम चक्र चलता है। 
यहां की जमीन भी पृथ्वी की तरह कठोर और चट्टानी है। मंगल की मिट्टी लाल रंग की है जिसकी वजह है मिट्टी में आयरन ऑक्साइड (iron oxide) का होना। सीधे शब्दों में कहा जाये, तो इस ग्रह की मीटी में मौजूद लोह तत्वों पर जंग लगी हुई है जिसकी वजह से यह लाल रंग का दिखता है।

मंगल ग्रह पर 1967 से कई मिशन अब तक दुनिया की अंतरिक्ष ऐजेसी भेज चुकी है और सफलता भी मिली है जिसकी वजह से ही वैज्ञानिक इश निष्कर्ष पर पहुंच पाये हैं कि मानव आने वाले समय में मंगल पर भी रहेगा।

कितना समय और लगेगा 

वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगल को पृथ्वी के जैसा वतावरण बनाने के लिये लगभग 1000 साल लग जायेगे लेकिन यदि यहां पर प्रयोगशाला खोलने बात की जाये, तो लगभग 50 साल के लगभग यहां पर मानव रह सकता है और प्रयोग कर सकता है। 
वहीं कुछ दूसरे वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि इसके उत्तरी ध्रुव पर मौजूद वर्फ पिघलना शुरु हो जाये, तो लगभग 100 सालों में वहां कुछ जरुरी प्रोयागात्मक तरीके से रहा जा सकता है।

अब इन बातों को सरल तरीके से समझते हैं। दरअसल मंगल का वातावरण काफी पतला है जिसकी वजह से वहां पर अंतरिक्ष से कई तरह का रेडिएशन होता रहता है जो कि हमारे लिये काफी घातक है। हमारी पृथ्वी की सुरक्षा के लिये तो ओजोन लेयर है जो इश तरह के रेडिएशन को रोक देती है पर मंगल पर ऐसा कुछ नहीं है। आये दिन वहां पर उल्कापिंड गिरते रहते हैं जो कि हमारे लिये तो खतरनाक ही है। 
तो भईया वैज्ञानिक यही कह रहे हैं कि इस ग्रह के वातावरण में कुछ छेड़छाड़ की जाये। और वैसे भी साल 2024 तक मानव मिशन मंगल मिशन के लिये तैयार भी हो जायेगा। 
ना जाने कौन वह भाग्यशाली व्यक्ति होगा जिसे मंगल पर जाने का मैका मिलेगा।

Friday, January 15, 2021

Prashant Bhushan shares Arnab's whatsapp chat | अर्नब गोस्वामी की whatsapp chat लीक

 New Delhi: जाने माने वकील प्रशांत भूषण ने Rebublic TV के पॉपुलर फेस अर्नब गोस्वामी की मुश्किले बढ़ा दी है। उन्होने अपने Twitter Account से अर्नब गोस्वामी और बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दास गुप्ता की whatsapp chat के screenshots शेयर किये हैं।


Prashant Bhushan shares Arnab's whatsapp chat

जाने माने वकील प्रशांत भूषण ने Rebublic TV के पॉपुलर फेस अर्नब गोस्वामी की मुश्किले बढ़ा दी है। उन्होने अपने Twitter Account से अर्नब गोस्वामी और बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दास गुप्ता की whatsapp chat के screenshots शेयर किये हैं। साथ ही प्रशांत भूषण ने लिखा है कि यह सब सबूत अर्नब को जेल पहुंचाने के लिये काफी हैं। 
अर्नब गोस्वामी की whatsapp chat लीक

दरअसल इस Chat में दोनों के बीच की बातचीत सोशल  मीडिया में ट्रैंड कर रही है। कुछ लोग इस बातचीत को फर्जी बता रहे हैं, तो कुछ लोग मीडिया के एक खास वर्ग को निशाना बना रहे हैं। मामला जो भी हो लेकिन एक बात तो माननी होगी कि नये साल में राजनीति और माडिया का मनोरंजन चरम पर पहुंच गया है इस शेयर के साथ।


इस मामले में अर्नब का क्या होगा, यह तो जल्द पता चल जायेगा लेकिन Whatsapp chat का समाचारों में सुर्खी बटरोना कोई नया नही है। कई बार कई तरह की Whatsapp Chat समाचार चैनलों पर खूब चटकारे लेकर पढी गई हैं।


Tuesday, January 12, 2021

What is unique about Rafael Fighter Jet | राफेल फाइटर जेट की खासियत क्या है |

 New Delhi: भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया "Rafael Fighter Jet कितना ताकतवर है" इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर आये दिन कोई न कोई जानकारी शेयर होती रहती है। कभी इस लड़ाकू जहाज की तुलना पाकिस्तान के JF-17 , तो कभी F-16 से की जाती है। वहीं दूसरी तरफ तरफ राफेल की तुलना चीन के J-20 से की जाती है। आखिर राफेल फाइटर जेट की खासियत क्या है ?


राफेल फाइटर जेट की खासियत क्या है

क्या वाकई  राफेल के आगे हमारे दोनों पड़ौसी देशों को अपनी वायुशक्ति का आंकलन करने के लिये मजबूर कर दिया है?

आइये जानते है Rafael Fighter Jet की खासियत के बारे में

राफेल दो इंजन वाला फाइटर जेट है जो भारतीय वायु सेना की सबसे पहली चाहत है। 

राफेल का फ्यूल टैंक फुल होने के बाद यह 3700 किलोमीटर तक की दूरी बिना रुके कवर कर सकता है इसकेअलवा इसमें हवा में भी फ्यूल भरा जा सकता है जो कि इसको किसी भी कॉम्बेट ऑपरेशन के लिये हमेशा तैयार रहने के लिये मद्द करता है।

राफेल जमीनऔर हवा दोनों ही जगह पर अपने लक्ष्य को भेदने की क्षमता रखता है। हवा से हवा में मार करने के लिये मीटियोर मिसाइल, हवा से जमीन पर मार करने के लिये हैमर मिसाइल और स्कैल्प मिसाइल में लगी हुई हैं।

 राफेल विमान की एक खास विशेषता उसे चीन और पाकिस्तान के एड़वांस फाइटर जेट से काफी गतिशील बनाती है और वो विशेषता है इस लड़ाकू जहाज का रेट ऑफ क्लाइम्ब । मतलब यह है कि यह JF-17, F-16 और J-20 से काफी तेजी से ऊंचाई पर पहुंच जाता है। खुद भारतीय वायु सेना मे  इसके मुकाबले तेजी से ऊपर पहुंचने वाले फाइटर जेट नहीं हैं। 

राफेल का रडार सिस्टम 100 किलोमीटर की रेंज में 40 लक्ष्यों को भेदने की क्षमता रखता है। 

वैसे भी लड़ाकू जहाज की क्षमता पायलट की कुशलता पर निर्भर करती है और भारतीय वायु सेना के पायलट की कुशलता  तो पूरी दुनिया बालाकोट में देख ही चुकी है।

Tuesday, December 22, 2020

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि पर काव्य पाठ का आयोजन ।

 रायबरेली- हिंदी के युग प्रवर्तक आचार्य पं. महावीर प्रसाद द्विवेदी जी की 83 वीं पुण्यतिथि पर उनके जन्म स्थान दौलतपुर में जाकर बैसवारा साधना समिति के सभी पदाधिकारियों ,क्षेत्र के गणमान्य, समाजसेवी, साहित्य प्रेमी बंधुओं ने पुष्पमाला, हवन आदि के द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

काव्य पाठ

इस दौरान बैसवारा साधना समिति के कार्यालय भोजपुर में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। पिछले कुछ सालों से इस कार्यक्रम का आचार्य महावीर प्रसाद जी जन्म स्थली में दौलतपुर में होता आ रहा था। लेकिन कोरोना काल के चलते काव्यगोष्ठी का आयोजन भोजपुर में उन्नाव के वरिष्ठ कवि छंद सम्राट श्री कमलेश शुक्ला कमल जी की अध्यक्षता में हुआ।

 

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि पर काव्य पाठ का आयोजन

मंच का संचालन श्री सतीश कुमार सिंह जी रायबरेली के द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। वाणी वंदना अध्यक्ष कमलेश शुक्ला जी के द्वारा ही हुई। आचार्य प्रवर एवं मां सरस्वती की प्रतिमाओं पर सभी कवियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस आयोजन में काव्य पाठ करते हुए कवि नरेंद्र आनंद उन्नाव, कवि रामदेव सिंह बहोरी रायबरेली, कवि रामकिशोर वर्मा, अनिल वर्मा उन्नाव, चंद्र किशोर सिंह उन्नाव साहित्य भूषण से पुरस्कृत, घनश्याम सिंह श्याम रायबरेली, कन्हैयालाल आजाद, रायबरेली, रवि श्रीवास्तव रायबरेली, जय जितेंद्र लखनऊ, त्रिभुवन सिंह रायबरेली,मुन्नी लाल साहू सुलभ रायबरेली,अमनदीप रायबरेली, शिवतोष संघर्षी रायबरेली, सौरभ शुक्ला रायबरेली, योगेंद्र सिंह रायबरेली, सुनील सरगम रायबरेली,भारत सिंह परिहार सरल उन्नाव ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति की।

                                                                                                      




सभी कवियों को समिति की ओर से उत्तरी एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य गणमान्य साहित्य विद्वानों को भी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। समिति के अध्यक्ष सुनील सरगम, संरक्षक संजय सिंह व प्रबंधक अनुज शुक्ला ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।



Wednesday, October 7, 2020

When Regular Trains will start | भारत में पहले की तरह रेलगाड़ियां कब से चलेगी |

New Delhi: 22 मार्च को पूरे भारत में जनता कर्फ्यू लगा था और तब से ही रेलगाड़ियाों का संचालन बंद कर दिया गया था। कोरोना वायरस की वजह से रोजाना चलने वाली रेलगाड़ियां आज रेलवे स्टेशनों पर खड़ी है। गिनती की कुछ स्पेशल रेलगाड़ियों को ही संचालित किया जा रहा है।


When Regular Trains will start | भारत में पहले की तरह रेलगाड़िया कब से चलेगी |


देश में आनलॉक की प्रक्रिया शुरु होकर 5वें स्टेज में आ गई है और कई तरह की सेवाओं का संचालन शुरु भी हो गया है लेकिन रोजाना चलने वाली लोकल ट्रेन के संचालन के बारे में कोई जानकारी अभी तक रेल मंत्रालय ने साझा नहीं की है।

लोकल ट्रेन के ना चलने से लोगों को आस पास की यात्रा के लिये दूसरे साधनों पर निरभर होना पड़ रहा है जिससे उनका खर्चा भी बढ़ गया है।

लोगों को सोशल मीडिया पर रेलवे से जुड़ी अफवाहों ने भी परेशान कर रखा है। कभी लोगों को सुनने को मिलता है कि फलां तारीख से सभी ट्रेनों का संचालन शुरु हो जायेगा। लेकिन फलां तारीख आने के बाद भी ऐसा कुछ नहीं होता।


असल में बात यह है कि रेलगाड़ियों का पहले के जैसा संसाचलन कब से होगा इश पर रेलवे मंत्रालय की तरफ से कोई बात नहीं की गई है। रेलवे मंत्रालय ने कहा है कि धीरे धीरे रेलगाड़ियों का संचालन किया जायेगा और 15 दिन पहले यह जानकारी बता दी जायेगी।

Saturday, September 12, 2020

Declining Credibility of National News Channels | कुछ पढ़े लिखे पत्रकारों की घटिया पत्रकारिता।

 New Delhi: एक प्रेमी युगल किसी मनमुटाव के चलते अलग हो गया। फिर उनमें से एक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाकर अपना जीवन समाप्त कर लिया। लोगों को उस लोकप्रिय व्यक्ति के चले जाने का बहुत दुख हुआ। उसके परिवार पर तो दुखों का पहाड़ टूट गया। खैर मामला अब यह मामला किसी दूसरे मोड़ पर चला गया है। लेकिन इस बीच जो कुछ बड़े बड़े समाचार चैनलों ने किया उससे एक जिम्मेदार दर्शक को यह तो पता चल गया कि घटिया पत्रकारिता को देखने से अच्छा है किसी मनोरंजक चैनल को देख लिया जाये। क्योंकि समाचार में सिर्फ एक ही खबर है। हत्या, नैपोटिजम्,  से होते हुये यह मामला अब ड्रग्स पर आ पहुंचा है। इससे पहले एक अमेरिकी पैरानोर्मलिस्ट ने भी इस पर खूब वाहीवाही लूटी। भारत का कोई तान्त्रिक ऐसा दावा करता, तो उसके 206 अस्थी पंजर घट-बढ जाते।


Declining Credibility of National News Channels

समाचार पत्रों की बात हो या चैनलों की सब कोई इस कदर गिर गया है कि होड़ सी लग गई है कौन सबसे ज्यादा नीचे गिरता है। 

एक तो वैसे भी ख़बरी मीडिया जगत में सैलरी का बहुत लोचा है

टीवी चैनलों के पत्रकार ऊपरी दबाब के चलते घटिया पत्रकारिता करने को मजबूर हैं। एक तो वैसे भी ख़बरी मीडिया जगत में सैलरी का बहुत लोचा है। एक महीने की सैलरी तीन महीने के बाद मिलती है और कभी भी अचानक नौकरी भी राम को प्यारी हो जाती है।

मीडिया की ख़बरों को मसालेदार बनाने वाले बड़े-बड़े लोगों को अफनी TRP देखनी होती है, उनके नीचे काम कर रहे लोगों की परेशानी और मजबूरी नहीं। 

यह बात कोई नई नहीं है जब से टीवी चैनल में समाचार का 24x7 प्रसारण हुआ है उसके उसके महीनों के बाद से इसी तरह की घटिया सोच की पत्रकारिता ने जन्म लिया है।

हमारे देश की सेना को इतनी जानकारी अपने बारे में नहीं है जितनी ये समाचार चैनल अपने प्राइम शो में दे डालते हैं। 

हमारे देश के कई नौजवान सराकारी नौकरी के परीक्षा परिणाम के लिये प्रोटेस्ट करते हैं, तो वो खबर इनके लिये आधारहीन हो जाती है। कुछ इक्का दुक्का चैनल इन जरुरी खबरों को प्रसारित करके, इस मरी हुई पत्रकारिता को ऑक्सीजन देने की कोशिश कर रहे हैं।

आप लोगों का आज के समाचार चैनलों के बारे में क्या सोचना है?