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Thursday, July 30, 2020

Rafale vs J20 | कौन है युद्ध का विजेता |

New Delhi: कई सालों से Dassault Rafale को भारतीय वायुसेना में शामिल करने की प्रक्रिया को 29 जुलाई को पूरा कर लिया गया।


Dassault Rafale

36 राफेल फाइटर जेट की पहली खेप के 5 जेट अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर लैंड हुये। रक्षा विशेषयज्ञों का मानना है कि इन game changer जेट से भारतीय वायुसेना की ताकत दो गुनी हो गई है। हाल ही में चीन अपनी षड़यंत्रकारी चालों से भारत के लिये परेशानी खड़ी कर रहा था लेकिन अब वह ऐसा नहीं कर सकेगा।
राफेल के भारत पहुंचते ही चीन को अपनी वायु शक्ति को आंकने के लिये मजबूर कर दिया है।
दरअसल चीन के पास 5th जनरेशन का फाइटर प्लेन  Chengdu J-20  है। जो कि रडार को चकमा देने वाली तकनीक से लैस है। दुनिया में तीन ही 5th जनरेशन के फाइटर जेट हैं। F-22 रैपटर (अमेरिका), F-35 (अमेरिका) और Chengdu J-20 (चीन)। 

Rafale vs J20


भारतीय वायुसेना में शामिल Dassault Rafale जेट 4.5th जनरेशन का है लेकिन इसमें वह सब कुछ है जो कि एक 5th जनरेशन के जेट में होता है। राफेल फाइटर जेट को game changer भी कहा जाता है क्योंकि यह फाइटर जेट युद्ध में कई तरह की भूमिका एक साथ निभा सकता है। मतलब यह है कि ये फाइटर जेट एक बार की उड़ान में कई तरह के अटैक एक साथ करके दुश्मनों में दहशत फैला देता है। और सबसे खास बात यह है कि राफेल 5th जनरेशन के फाइटर जेट को आसानी से टारगेट कर सकता है। पूर्व भारतीय वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने एक इंटरव्यू में कहा कि चीन की ताकत को कम नहीं आंका जा सकता लेकिन यदि युद्ध की स्थिति आती है तो चीन का फाइटर जेट J-20 कहीं भी rafale के सामने नहीं टिक सकता।

एक नजर राफेल और J-20 पर

Dassault Rafale                                   Chengdu J-20
ट्विन इंजन                     इंजन             ट्विन इंजन
सिंगल सीट                      सीट               सिंगल सीट
मल्टी रोल फाइटर जेट    मुख्य काम       स्टील्थ जेट
24,500 किलोग्राम          टेकऑफ वेट     34,000 से 37,000 किलोग्राम
3700 किलोमीटर            रेंज                  3400 किलोमीटर (दूरी बढाई जा सकती है)
2130 किलोमीटर/घंटा     स्पीड               2100 किलोमीटर/ घंटा
4 मिसाइल                     मिसाइल लोड   4 मिसाइल


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